Ranchi News : एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में पदस्थापित निलंबित पुलिस निरीक्षक गणेश कुमार सिंह की पत्नी ने झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने पति को निलंबन से मुक्त करने और झारखंड जगुआर में योगदान कराने की मांग की है। उन्होंने मामले में हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है।
पत्र में उन्होंने कहा है कि उनके पति के खिलाफ एसीबी ने अवैध वसूली के आरोप में प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज की है। लगातार मीडिया में खबरें आने से पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
तबादला, अवकाश और निलंबन पर उठाए सवाल
पत्र के अनुसार, गणेश सिंह पहले झारखंड जगुआर में पदस्थापित थे। बाद में उन्हें एसीबी में लाया गया और पुलिस मुख्यालय की एनजीओ शाखा का प्रभारी बनाया गया। पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें वापस झारखंड जगुआर भेजने का आदेश जारी हुआ, लेकिन उन्हें विरमित नहीं किया गया।
पत्नी का आरोप है कि बीमारी के कारण अवकाश मांगे जाने के बावजूद छुट्टी देने के बजाय उनका हजारीबाग प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने पत्र में यह भी दावा किया कि कुछ लोगों ने व्यक्तिगत स्वार्थ के तहत उनके पति के खिलाफ शिकायतें कराईं। उनका कहना है कि गणेश कुमार सिंह ने 31 वर्षों की सेवा के दौरान ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।