Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए देश की अर्थव्यवस्था, तकनीकी प्रगति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और संसद की भूमिका पर अपनी बात रखी. उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह अच्छा मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह संसद का यह सत्र भी जनहित में सार्थक साबित होगा.
"सक्रिय मानसून और सफल संसद, दोनों देश के लिए जरूरी"
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा कि मानसून और मानसून सत्र दोनों का महत्व देश के लिए समान रूप से अहम है. उन्होंने कहा कि यदि दोनों सकारात्मक रूप से चलें तो उसका लाभ पूरे देश और समाज को मिलता है. उन्होंने अच्छे मानसून और सफल संसदीय कार्यवाही की कामना भी की.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्ष और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. इसके बावजूद भारत ने विकास की गति बनाए रखी. उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बीच देश ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर अपनी आर्थिक क्षमता का परिचय दिया.
रिफाइनरी से लेकर हाइड्रोजन ट्रेन तक गिनाईं उपलब्धियां
पीएम मोदी ने हाल के महीनों में देश की विभिन्न उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान में नई तेल रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई है. इसके अलावा तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट की शुरुआत और ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का संचालन भारत की तकनीकी प्रगति का उदाहरण है. उनके अनुसार, यह उपलब्धियां वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम हैं.
स्टार्टअप और युवाओं की सफलता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि देश के युवा वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं. उन्होंने स्काईरूट जैसे स्टार्टअप का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं.
बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक टिप्पणी करते हुए कहा कि वह "56 साल के नौजवान" की नहीं, बल्कि औसतन 28 वर्ष की उम्र वाले उन युवाओं की बात कर रहे हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का नाम रोशन किया है. इसे राजनीतिक हलकों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है.
"युवाओं की क्षमता भारत की सबसे बड़ी ताकत"
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा और महत्वाकांक्षा भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है. उनके अनुसार, ऐसी उपलब्धियां दुनिया में भारत की मजबूत छवि बनाने के साथ-साथ देश के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं.