Jharkhand SIR 2026: झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को अहम निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का नाम केवल जानकारी के अभाव में नहीं छूटना चाहिए. इसके लिए जिला प्रशासन को मिशन मोड में काम करने और हर व्यक्ति तक जरूरी सूचना पहुंचाने को कहा गया है.
हर घर तक पहुंचे SIR अभियान की जानकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित समय-सीमा को लेकर लोगों के बीच किसी तरह का भ्रम नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक भी सही जानकारी पहुंचे और वह समय रहते अपना नाम जोड़ने या संशोधित कराने की प्रक्रिया पूरी कर सके.
बीएलओ के व्यवहार और प्रशिक्षण पर विशेष जोर
हेमंत सोरेन ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें लगातार प्रशिक्षण और संवेदनशीलता (Sensitization) कार्यक्रमों से जोड़ा जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि फील्ड में कार्यरत सभी बीएलओ नागरिकों के साथ शालीन, सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार करें, ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें.
बुजुर्गों, दिव्यांगों और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिन्हें प्रक्रिया तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि-
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को जरूरत पड़ने पर घर जाकर सहायता उपलब्ध कराई जाए.
दूर-दराज के गांवों और आदिवासी इलाकों में प्रशासनिक टीमें खुद पहुंचकर लोगों की मदद करें.
राज्य से बाहर रह रहे झारखंड के प्रवासी नागरिकों तक भी अभियान से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए.
समय पर पूरा हो पुनरीक्षण अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है. इसलिए सभी अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी और प्रभावी तरीके से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को पूरा करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे.