Jharkhand Congress: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नाम खुला पत्र जारी कर उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष जनता के मुद्दों पर सार्थक भूमिका निभाने के बजाय केवल बयान देने, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और सरकार को पत्र लिखने तक सीमित हो गए हैं.
"झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश"
राकेश सिन्हा ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का पूरा राजनीतिक फोकस राज्य सरकार के खिलाफ आरोप लगाने और भ्रम फैलाने पर दिखाई देता है. उनका दावा है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और आदिवासी-मूलवासी हितों जैसे अहम विषयों पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय भाजपा केवल राजनीतिक आरोपों की राजनीति कर रही है.
भाजपा के कार्यकाल पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार के समय की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उस दौरान बेरोजगारी, पलायन, खनिज संसाधनों के दोहन और विकास कार्यों की धीमी गति जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे. उन्होंने पूछा कि इन परिस्थितियों की जवाबदेही आखिर कौन लेगा.
केंद्र के मुद्दों पर चुप रहने का आरोप
राकेश सिन्हा ने कहा कि जब झारखंड के बकाया भुगतान, राज्य के अधिकार और केंद्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की बात आती है, तब बाबूलाल मरांडी की आवाज उतनी मुखर नहीं सुनाई देती. वहीं राज्य सरकार पर सवाल उठाने में वे हमेशा सक्रिय नजर आते हैं.
"नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ बयान देना नहीं"
खुले पत्र में उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का दायित्व केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस करना या सोशल मीडिया पर बयान जारी करना नहीं है. लोकतंत्र में इस पद की जिम्मेदारी जनता के हितों की रक्षा करना, सरकार को रचनात्मक सुझाव देना और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाना भी है.
राजनीति से ऊपर रखें राज्य का हित
पत्र के अंत में कांग्रेस नेता ने बाबूलाल मरांडी से झारखंड के हितों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई ठोस और जनहित से जुड़ा सुझाव है तो सरकार उसका स्वागत करेगी, लेकिन केवल आरोप-प्रत्यारोप से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता.