Ranchi News : E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच रायपुर के उपभोक्ता आयोग के एक फैसले ने ईंधन से जुड़ी तकनीकी शिकायतों और उपभोक्ताओं के अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है। आयोग ने एक मामले में मारुति सुजुकी और संबंधित डीलर को शिकायतकर्ता को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई कार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मामला एक कार मालिक की शिकायत से जुड़ा था, जिसने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद उसकी कार का इंजन खराब हो गया। सुनवाई के बाद आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वाहन निर्माता और डीलर को राहत देने का आदेश दिया।
रांची में भी जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज करा सकते हैं शिकायत
यदि वाहन मालिक को ईंधन से जुड़ी किसी तकनीकी समस्या के कारण नुकसान होता है और वाहन निर्माता, डीलर या संबंधित पक्ष से उचित समाधान नहीं मिलता है, तो वह जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटा सकता है।
रांची में वाहन मालिक डोरंडा स्थित जिला उपभोक्ता आयोग में स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के साथ वाहन के दस्तावेज, सर्विस रिकॉर्ड, ईंधन की रसीद, तकनीकी जांच रिपोर्ट और अन्य संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञ बोले:- पर्याप्त साक्ष्य होने पर मिल सकती है कानूनी राहत
उपभोक्ता मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि यह साबित हो जाता है कि वाहन में आई तकनीकी खराबी का संबंध ईंधन या किसी सेवा में कमी से है और उपभोक्ता को उचित समाधान नहीं मिला, तो वह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत राहत पाने का हकदार है। ऐसे मामलों में उपभोक्ता आयोग परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित आदेश पारित कर सकता है।