Aaj Ka Panchang: आज गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 8:52 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी। आज सिद्धि योग मध्यरात्रि 1:22 बजे (17 जुलाई) तक रहेगा। आश्लेषा नक्षत्र शाम 7:52 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। सूर्योदय सुबह 5:34 बजे और सूर्यास्त शाम 7:21 बजे होगा।
सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश, स्नान-दान का विशेष महत्व
आज रात्रि 11:45 बजे सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ कर्क संक्रांति मनाई जाएगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह सूर्यदेव के दक्षिणायन की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन स्नान, दान, तर्पण, सूर्य को अर्घ्य और पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का विशेष फल प्राप्त होता है।
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय, इन समयों का रखें विशेष ध्यान
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक और अमृत काल शाम 6:23 बजे से 7:52 बजे तक रहेगा। कर्क संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 12:27 बजे से शाम 7:21 बजे तक तथा महा पुण्य काल शाम 5:03 बजे से 7:21 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 2:10 बजे से 3:54 बजे तक, गुलिकाल सुबह 9:00 बजे से 10:44 बजे तक और यमगण्ड सुबह 5:34 बजे से 7:17 बजे तक रहेगा।
आश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा शाम 7:52 बजे तक कर्क राशि में आश्लेषा नक्षत्र में रहेंगे, इसके बाद सिंह राशि और मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध और देवता नाग माने गए हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को कुशाग्र बुद्धि, तीव्र स्मरण शक्ति, प्रभावशाली वक्तृत्व, यात्रा प्रेमी, रहस्यमयी और उत्साही व्यक्तित्व वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कर्क संक्रांति के पुण्य काल में सूर्यदेव की उपासना और जरूरतमंदों को दान करने से सुख-समृद्धि, आत्मबल और शुभ फल की प्राप्ति होती है।