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  • 2026-07-15

Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा चोरी जांच में नया नाम आया सामने, SIT के रडार पर महेश कुमार, संपत्तियों की हो रही पड़ताल

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम सामने आ रहे हैं. विशेष जांच दल (SIT) ने अब मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के करीबी बताए जा रहे महेश कुमार की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां उसकी आय, संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं. फिलहाल मामले में किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की हो रही जांच
SIT को मिली शिकायत में दावा किया गया है कि महेश कुमार की मासिक आय करीब 15 हजार से 18 हजार रुपये थी. इसके बावजूद पिछले एक वर्ष के दौरान उसके नाम पर करीब 20 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां खरीदे जाने का आरोप लगाया गया है. शिकायत के अनुसार अयोध्या, बस्ती, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जगहों पर जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं. यह भी आरोप है कि कुछ संपत्तियां उसके परिजनों के नाम पर दर्ज कराई गई हैं. शिकायतकर्ता ने इन दावों से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने की बात कही है.

टिन्नू यादव से करीबी संबंध और कंपनी से जुड़ाव की भी पड़ताल
जांच के दौरान सामने आया है कि बस्ती निवासी महेश कुमार अयोध्या में टिन्नू यादव के मकान में किराये पर रहता था और दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था. कुछ सूत्रों का दावा है कि वह मंदिर निर्माण से जुड़ी एक सहयोगी कंपनी के माध्यम से किसी काम से जुड़ा था. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. दूसरी ओर मंदिर निर्माण से जुड़ी एलएंडटी के परियोजना निदेशक ने स्पष्ट किया है कि उनके यहां इस नाम और पते का कोई कर्मचारी कार्यरत नहीं था. जांच एजेंसियां इस पहलू की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं.

अंतिम चरण में SIT की जांच, सामने आ सकते हैं नए नाम
मामले की जांच को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आईजी जोन और अन्य अधिकारियों को भी शिकायत भेजी गई है. शिकायतकर्ता ने अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध किया है. सूत्रों के अनुसार SIT की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट से पहले कुछ और लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं. जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की सूची में नए नाम शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है. फिलहाल जांच एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं.
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