Ranchi News : झारखंड सरकार ने दूर-दराज के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले आदिम जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में चलंत ग्राम क्लीनिक (मोबाइल विलेज क्लीनिक) योजना के संचालन एवं प्रबंधन के लिए 1.39 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी यह राशि स्पेशल हेल्थ केयर पैकेज फॉर प्रिमिटिव ट्राइब्स के तहत उपलब्ध कराई गई है। योजना का उद्देश्य ऐसे गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर के निकट ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जहां अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना कठिन है।
11 जिलों में चलेगी योजना, गांव-गांव पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम
योजना के तहत मोबाइल क्लीनिक गांव-गांव जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगे, आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएंगे और प्राथमिक उपचार की सुविधा देंगे। इससे आदिम जनजाति समुदाय के लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
इस योजना के लिए राज्य के 11 जिलों को राशि आवंटित की गई है। पाकुड़ को सबसे अधिक 29.70 लाख रुपये, गोड्डा को 19.68 लाख रुपये, दुमका को 16.14 लाख रुपये और चतरा को 10.94 लाख रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा खूंटी, कोडरमा, रामगढ़, गिरिडीह और हजारीबाग को 9.84-9.84 लाख रुपये, बोकारो को 7.74 लाख रुपये तथा गुमला को 6.19 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित सिविल सर्जनों को योजना के संचालन और राशि के उपयोग को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आवंटित राशि जिला स्वास्थ्य समिति के बैंक खाते में जमा की जाएगी। साथ ही प्रत्येक माह 10 तारीख तक योजना की प्रगति और व्यय की रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी तथा समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराना होगा।
सरकार का कहना है कि मोबाइल क्लीनिक के नियमित संचालन से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों में रहने वाले आदिम जनजाति परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर स्थित अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।