Brain Malaria (Kiran Das) : ब्रेन मलेरिया या सेरेब्रल मलेरिया मलेरिया का ऐसा गंभीर और जानलेवा रूप है, जो समय पर इलाज न मिलने पर मरीज के मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है। दरअसल ब्रेन मलेरिया का वैज्ञानिक नाम प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया (Plasmodium Falciparum Malaria) है। ये बीमारी प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम नाम के खतरनाक प्रोटोजोआ परजीवी (Parasite) के कारण होती है। आमतौर पर ये बीमारी बारिश के मौसम में होती है, जब मलेरिया फैलाने वाला मादा एनोफिलीज मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो उसका परजीवी (कीटाणु) खून के रास्ते दिमाग तक पहुँच जाता है। वहां जाकर यह दिमाग की नसें ब्लॉक कर देता है।
पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया का कहर, 10 मौतों के बाद झारखंड में हाई अलर्ट
आपको बता दे की झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में इस साल ब्रेन मलेरिया के प्रकोप से लगभग 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है, और इस महामारी से बचने क लिए पुरे राज्य में विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है तथा लोगो को जागरूक भी किया जा रहा है| पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड को इस बीमारी का मुख्य केंद्र माना जा रहा है जहां जांच के बाद सैकड़ों लोगो के संक्रमित होने की खबर सामने आई है|

ब्रेन मलेरिया के लक्षण
ब्रेन मलेरिया आम मलेरिया की तुलना में कई ज्यादा घातक होता है क्योंकि इसके परजीवी मस्तिष्क की नसों को ब्लॉक कर देते हैं। इसके लक्षण साधारण मलेरिया से शुरू होता है और तेजी से गंभीर दिमागी समस्याओं में बदल जाता है| इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार से है:-
1. तेज बुखार और शरीर में कंपकंपी
2. सर में दर्द
3. उल्टी और मतली होना
4. कमजोरी और जोड़ों में तेज दर्द
5. मरीज का अचानक बहकी-बहकी बातें करना या अपनों को न पहचान पाना
6. मरीज को बार-बार चमकी या मिर्गी जैसे अटैक आना
7. हर समय गहरी नींद जैसी स्थिति में रहना
8. दोनों आंखों की पुतलियों का अलग-अलग दिशा में घूमना
9. रीढ़ और गर्दन की मांसपेशियों का अकड़ जाना
10. मरीज पूरी तरह अचेत अवस्था में चला जाता है
11. दिमाग के साथ-साथ किडनी का फेल होना या फेफड़ों में पानी भरना
ब्रेन मलेरिया में तुरंत इलाज जरूरी, लक्षण दिखते ही मरीज को अस्पताल पहुंचाएं
ब्रेन मलेरिया एक मेडिकल इमरजेंसी है| है। इसमें मरीज की जान बचाने के लिए हर एक पल बहुत ही ज्यदा कीमती होता है। यदि आपके आस-पास भी कोई व्यक्ति में इसके लक्षण दिख रहे हैं, तो घबराएं नहीं बल्कि तुरंत मरीज को अस्पताल ले जाएं जहां ICU और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हो।
मरीज को सीधा सुलाने के बजाय बाईं या दाईं करवट लेकर सुलाएं। दौरे पड़ने के दौरान मरीज के मुंह में जबरदस्ती चम्मच, कपड़ा या उंगली न डालें। यदि तेज बुखार है, तो सिर और शरीर पर सामान्य पानी की पट्टियां रखें।
खुद से कोई भी एंटी-बायोटिक या मलेरिया की टैबलेट खिलाकर घर पर इंतजार न करें। ब्रेन मलेरिया में गोलियां असर नहीं करतीं और किसी भी तरह की घरेलु प्रयोग न करे क्योंकि केवल इंजेक्शन ही व्यक्ति की जान बचा सकता है।
Disclaimer :- इस पोस्ट में दी गई जानकारी केवल जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इस आर्टिकल में दी गई सभी जानकारी एक्सपर्ट्स की सलहा पर आधारित है इसलिए कोई भी कदम उठाने से पहले डॉक्टर्स की सलहा जरुर लें|