Chaibasa News: चाईबासा में रविवार, 12 जुलाई को आयोजित होने वाली पॉलिटेक्निक प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा एवं ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
3 केंद्रों पर परीक्षा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन के अनुसार चाईबासा शहर में परीक्षा के लिए कुल तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 1,585 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और सघन जांच सहित सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
परीक्षार्थियों की सुविधा पर प्रशासन का फोकस
मानसून को देखते हुए इस बार परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि बारिश के कारण अभ्यर्थी भीगकर केंद्र पहुंचते हैं तो उनके लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था की जाए। साथ ही केंद्रों पर अतिरिक्त छतरियां और तौलिए भी उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग जांच व्यवस्था
महिला परीक्षार्थियों की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार पर अलग जांच व्यवस्था और महिला कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और निर्बाध बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
कदाचार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
उपायुक्त ने सभी दंडाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी केंद्राधीक्षक और दंडाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।