Jharkhand Cyber Crime: झारखंड में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और साइबर नेटवर्क की जांच के तहत NIA और झारखंड CID ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसियों ने राज्यभर के 100 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया है. इनमें एक एयर होस्टेस, पेट्रोल पंप में कार्यरत महिला और कई अन्य लोगों के खाते शामिल हैं. फिलहाल सभी खातों के लेनदेन की गहन जांच की जा रही है.
रांची समेत कई जिलों के खाते जांच के दायरे में
जांच में सबसे अधिक बैंक खाते रांची से जुड़े मिले हैं. इसके अलावा धनबाद, जामताड़ा, देवघर, पलामू, लोहरदगा और हजारीबाग के कई खातों की भी पड़ताल की जा रही है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों में जमा राशि और ट्रांजैक्शन का स्रोत क्या है.
विदेश से आए पैसे और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच
जांच एजेंसियां विदेश से भेजी गई रकम, संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं. एक मामले में विदेश में एयर होस्टेस के रूप में कार्यरत महिला द्वारा परिवार को भेजी गई रकम की जांच हो रही है. वहीं रांची के एक पेट्रोल पंप में काम करने वाली महिला का बैंक खाता भी संदिग्ध लेनदेन के कारण फ्रीज किया गया है.
ऑनलाइन कंपनी के खातों पर भी कार्रवाई
जांच के दौरान एक ऑनलाइन कंपनी के मालिक के बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया है. शुरुआती जांच में इन खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है. हालांकि, NIA और CID ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
दो साल में 10 हजार से ज्यादा खाते फ्रीज
CID के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में साइबर अपराध से जुड़े 10 हजार से अधिक संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है. इन मामलों में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और जांच लगातार जारी है.