Jharkhand: गुमला जिले की लापता नाबालिग से जुड़े हैबियस कॉर्पस मामले में गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को अब तक की जांच और की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। सरकार की ओर से बताया गया कि नाबालिग की तलाश तेज करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में पोस्टर प्रकाशित कराए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक उसकी जानकारी पहुंच सके। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि मामले के मुख्य आरोपी का नार्को एनालिसिस टेस्ट गुजरात में कराया जाएगा। इसके लिए अनुमति पहले ही मिल चुकी है और परीक्षण 3 अगस्त से 11 अगस्त के बीच प्रस्तावित है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर जताई गंभीरता
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों के बाद जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है। अदालत ने सरकार को पूरे मामले पर विस्तृत काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया। इस दौरान मामले के जांच अधिकारी भी अदालत में मौजूद रहे और जांच की वर्तमान स्थिति से कोर्ट को अवगत कराया। इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ा था। उस समय हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 से 2023 के बीच गुमला जिले में पदस्थापित रहे पुलिस अधीक्षकों की कार्यप्रणाली की जांच कराने का भी निर्देश दिया था।
मां की याचिका पर चल रही सुनवाई
यह हैबियस कॉर्पस याचिका लापता नाबालिग की मां चंद्रमुनि उरांव की ओर से दायर की गई है। अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को करेगी, जिसमें जांच की नई प्रगति रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है।