Jamshedpur News: झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ के बैनर तले पंचायत सचिवों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सचिवों ने राज्य सरकार पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
2019 से लंबित मुद्दों पर सरकार से जल्द फैसले की अपील
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करते हैं, लेकिन वर्षों से उनका मूल ग्रेड पे 2400 रुपये करने की मांग लंबित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 के राज्य सम्मेलन में समाहरणालय कर्मियों की तर्ज पर कालबद्ध उच्चतर ग्रेड पे की मांग उठाई गई थी, जिस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
पदों के पुनर्गठन, ग्रेड पे बढ़ोतरी, प्रोन्नति और पंचायत सचिवालयों में संसाधन उपलब्ध कराने की उठी मांग
संघ ने पंचायत सचिवों के पदों का पुनर्गठन कर कनीय, उच्च वर्गीय, वरीय, प्रधान पंचायत सचिव और पंचायत सचिव अधीक्षक के पद सृजित करने तथा क्रमशः 2400, 2800, 4200, 4600 और 4800 रुपये का ग्रेड पे निर्धारित करने की मांग की। इसके साथ ही प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के 50 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति, सभी पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, अनुसेवक एवं रात्रि प्रहरी की नियुक्ति, मनरेगा कार्यों से मुक्ति और रोजगार सेवक का प्रभार समाप्त करने की भी मांग उठाई।
सेवा संबंधी मांगों पर सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान गृह जिला में पदस्थापन, लंबित सेवा संपुष्टि, एसीपी, एमएसीपी, समय पर प्रोन्नति, जिला पंचायत राज पदाधिकारी के अधीन स्थापना, विभागीय कार्यों के लिए यात्रा भत्ता तथा स्थानांतरण और सेवा पुस्तिका संबंधी नियमों में संशोधन की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।