Seraikela: राजकीय प्लस टू मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, सरायकेला में बुधवार को झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी निःशुल्क साइकिल वितरण योजना उन्नति का पहिया के तहत छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शिक्षा के प्रति समर्पण का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों को साइकिल सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें शिक्षा के प्रति समर्पित रहकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए, अनुशासन का पालन करना चाहिए और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और बेहतर भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।
ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
उन्होंने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी। साइकिल मिलने से समय की बचत होगी, नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित होगी और विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी कमी आएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से साइकिल का सुरक्षित उपयोग करने, समय का सदुपयोग करने, शिक्षकों का सम्मान करने और अनुशासित जीवन अपनाने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाध्यापक वासुदेव राम ने अतिथियों के स्वागत के साथ की। उन्होंने सरकार की छात्र हितैषी योजनाओं की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाकर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
बीईओ कार्यालय की सूची के अनुसार हुआ वितरण
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर विभिन्न मध्य विद्यालयों से आए पात्र छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को और अधिक सुगम बनाना रहा।