Ranchi News: रांची की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महिला के परिजनों को 34.39 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने फर्जी बीमा पॉलिसी पाए जाने के बाद बीमा कंपनी को जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए वाहन मालिक को भुगतान करने का निर्देश दिया.
दो महीने के भीतर मुआवजा देने का आदेश
अपर न्यायायुक्त सह पीठासीन पदाधिकारी मनोज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने वाहन की पंजीकृत मालकिन रेशमा खातून को चारों आश्रितों को कुल 34,39,750 रुपये देने का निर्देश दिया है. अदालत ने यह भी कहा कि 4 सितंबर 2021 से भुगतान की तारीख तक इस राशि पर 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा. पूरी राशि दो महीने के भीतर अदा करनी होगी.
2021 में ऑटो की टक्कर से हुई थी महिला की मौत
यह मामला 19 जुलाई 2021 का है. पंडरा स्थित आस्था रेजिडेंसी के पास ऑटो की टक्कर लगने से 59 वर्षीय कुसुम देवी की मौत हो गई थी. मामले की जांच के बाद पुलिस ने चालक फिरोज अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
जांच में फर्जी निकली बीमा पॉलिसी
सुनवाई के दौरान अदालत ने बीमा पॉलिसी की जांच की. कोर्ट ने पाया कि पॉलिसी में लोकेशन कोड, प्रोडक्ट कोड, रसीद संख्या और वाहन के विवरण समेत कई गंभीर विसंगतियां थीं. इन आधारों पर अदालत ने बीमा पॉलिसी को फर्जी माना.
बीमा कंपनी को मिली राहत
बीमा पॉलिसी फर्जी पाए जाने के कारण अदालत ने बीमा कंपनी को मुआवजा देने की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय वाहन के लिए प्रस्तुत बीमा दस्तावेज वैध नहीं थे, इसलिए मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी.