JPSC Prelims Controversy: रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के झारखंड प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने 14वीं JPSC सिविल सेवा पीटी परीक्षा के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिणाम जारी होते ही पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया को लेकर कई विवाद सामने आ गए हैं।
कटऑफ नहीं, प्रक्रिया पर सवाल
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 103 पदों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन कटऑफ जारी नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि मेरिट सूची पर तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा के बजाय अनिश्चितता और अव्यवस्था का प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि कभी मॉडल उत्तरों पर विवाद होता है, कभी कटऑफ सार्वजनिक नहीं होती और कभी अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठते हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग
भाजपा ने राज्य सरकार से 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द कर मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। साथ ही हाल के विवादित परीक्षा परिणामों, मेरिट निर्धारण, मूल्यांकन प्रक्रिया और कटऑफ का पूरा विवरण सार्वजनिक करने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।