Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई जा रही छोटी चुनचुरिया-आतरग्राम-चिमटिया-ईचागढ़ सड़क का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा बीतने के करीब एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। सड़क निर्माण में हो रही देरी और लापरवाही से स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई है।
23 अगस्त 2023 को हुआ था शिलान्यास
इस सड़क का शिलान्यास 23 अगस्त 2023 को ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने किया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी एमएस मेगोटिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई थी और इसे 22 फरवरी 2025 तक पूरा किया जाना था। हालांकि तय समयसीमा समाप्त होने के बाद भी सड़क के कई हिस्सों में अब तक जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की परत तक नहीं बिछाई गई है।
बारिश में गड्ढों और कीचड़ से बढ़ी परेशानी
निर्माण एजेंसी की धीमी कार्यशैली और विभागीय उदासीनता के कारण सड़क कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने और कीचड़ फैलने से लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में एंबुलेंस तक गांवों में नहीं पहुंच पाती।
प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची शिकायत
सड़क निर्माण में हो रही देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने ई-मेल के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की इस योजना के बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। शिकायत के बाद भी अब तक मौके पर कोई विशेष सुधार देखने को नहीं मिला है।
सड़क निर्माण में हो रही देरी पर उठ रहे सवाल
विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने सड़क निर्माण में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में शिलान्यास और उद्घाटन तो लगातार किए जाते हैं, लेकिन कई परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी पड़ी रहती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध करा रही है, लेकिन झारखंड में सड़क निर्माण कार्यों में अनियमितता और लापरवाही लगातार सामने आ रही है। उन्होंने मांग की कि जिन संवेदकों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि ग्रामीणों को शिलापट्ट नहीं, बल्कि समय पर गुणवत्तापूर्ण सड़क चाहिए।
उच्चस्तरीय जांच और आंदोलन की चेतावनी
राकेश रंजन महतो ने लंबित सड़क परियोजना की उच्चस्तरीय जांच कराकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन ग्रामीणों के साथ आंदोलन करेगा।
ग्रामीणों ने की शीघ्र निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है, लेकिन ईचागढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति इस योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।