Raj Hospital Ranchi Negligence: राजधानी रांची के मेन रोड स्थित राज हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में है. अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में कथित लापरवाही और भारी रकम लेने के बावजूद मरीज की मौत होने का गंभीर आरोप लगा है. मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शनिवार दोपहर जिला प्रशासन की टीम राज हॉस्पिटल पहुंची. परियोजना पदाधिकारी मनीषा तिर्की के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड, मरीज के इलाज और परिजनों के आरोपों की जांच शुरू की.
पैर में फ्रैक्चर के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था मरीज
परिजनों के अनुसार, मरीज को पैर में फ्रैक्चर के बाद बेहतर इलाज के लिए राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उनका आरोप है कि भर्ती के बाद शुरुआती दो से तीन दिनों तक घाव की उचित ड्रेसिंग नहीं की गई.
परिजनों का कहना है कि देखभाल में कमी के कारण घाव में संक्रमण बढ़ता गया और मरीज की हालत गंभीर हो गई. इसके बाद मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया गया. परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज के नाम पर उनसे करीब 22 लाख रुपये लिए गए, लेकिन अंत में मरीज की जान नहीं बच सकी.
सीएम ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
मामला वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची डीसी को तत्काल संज्ञान लेकर विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अस्पताल प्रबंधन या इलाज से जुड़े लोग दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें इसकी जानकारी दी जाए.
जिला स्तरीय जांच टीम करेगी रिकॉर्ड और बिलों की जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची डीसी ने सिविल सर्जन को मामले की प्राथमिक जांच करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तरीय विशेष जांच टीम भी गठित की गई है.
जांच टीम अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया, आईसीयू में भर्ती करने की परिस्थितियों और बिलिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी. प्रशासन की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.