RIMS Land Scam: रांची के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और कब्जे से जुड़े मामले में आरोपी सुमित्रा बड़ाइक ने झारखंड हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद अगली तारीख 9 जुलाई तय की है.
इससे पहले ACB की विशेष अदालत ने 21 मई को सुमित्रा बड़ाइक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. विशेष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है.
जमीन की फर्जी वंशावली बनाने का आरोप
मामले में सुमित्रा बड़ाइक पर रिम्स की करीब 9.65 एकड़ सरकारी जमीन को बड़ाइक परिवार के नाम पर दर्ज दिखाने के लिए कथित रूप से फर्जी वंशावली तैयार कराने का आरोप है. जांच एजेंसियों के अनुसार, इसके बाद जमीन को कथित तौर पर बिल्डरों को बेच दिया गया.
बता दें कि जमीन पर मकान और अपार्टमेंट का निर्माण भी कराया गया. मामले की जांच में राजस्व कर्मियों और बिल्डरों की कथित मिलीभगत की बात भी सामने आई.
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई
रिम्स की जमीन से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जमीन पर हुए निर्माण को अवैध घोषित किया गया. इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई भी की थी. मामले में कई आरोपी पहले से जेल में हैं. कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं. अब सुमित्रा बड़ाइक की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में 9 जुलाई को आगे की सुनवाई होगी.