Chandil: ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व एनडीए प्रत्याशी एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो के नेतृत्व में शुक्रवार को चांडिल डैम विस्थापितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विस्थापितों की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों को विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना के तहत चांडिल डैम निर्माण के लिए करीब 42 वर्ष पहले हजारों ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसके कारण प्रभावित परिवारों को अपनी जमीन, आजीविका और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान से वंचित होना पड़ा। उस समय सरकार की ओर से रोजगार, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अधिकांश वादे आज तक पूरे नहीं हो सके।
पुनर्वास में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पुनर्वास और अनुदान राशि वितरण में भ्रष्टाचार, अनियमितता और भेदभाव के कारण कई पात्र विस्थापितों को उनका हक नहीं मिल पाया है। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि सभी पात्र विस्थापितों को लंबित मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए। साथ ही समुचित पुनर्वास, रोजगार, कौशल विकास और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। उन्होंने पुनर्वास नीति को प्रभावी रूप से लागू करने, नियमित विशेष शिविर लगाने और जिला स्तर पर स्थायी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ गठित करने की बात कही।
चांडिल डैम का जलस्तर नियंत्रित करने की मांग
हरेलाल महतो ने यह भी मुद्दा उठाया कि बारिश के मौसम में डैम का जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे घरों और फसलों को भारी नुकसान होता है। उन्होंने डैम का जलस्तर 179 आरएल मीटर तक सीमित रखने की मांग की।
कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की पहल
मुलाकात के दौरान ईचागढ़ क्षेत्र में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। हरेलाल महतो ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र कुड़मालि भाषा में अध्ययन करना चाहते हैं, लेकिन चांडिल स्थित सिंहभूम कॉलेज में यह विषय उपलब्ध नहीं है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि इसी शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में पहल की जाए। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में हरेलाल महतो ने बताया कि राज्यपाल ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और उन्हें मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागीय मंत्री के समक्ष मामले को भेजने का आश्वासन दिया है।