Ranchi News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने भारी इंजीनियरिंग निगम (HEC) को आर्थिक संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि HEC को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संस्थान के पुनरुद्धार, आधुनिकीकरण और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि HEC केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण संस्थान है। इसने इस्पात, खनन, रक्षा, अंतरिक्ष और भारी उद्योगों के क्षेत्र में लंबे समय तक अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि संस्थान के पास आज भी पर्याप्त जमीन, आधारभूत ढांचा, तकनीकी क्षमता और अनुभवी कर्मचारी मौजूद हैं।
जमीन और संपत्तियों के इस्तेमाल पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कमलेश ने आरोप लगाया कि HEC को आर्थिक संकट से निकालने के बजाय उसकी जमीन और संपत्तियों के इस्तेमाल पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में HEC की जमीन के इस्तेमाल से करीब 742.98 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई गई थी। इस राशि का इस्तेमाल कर्मचारियों के बकाया और अन्य देनदारियों के भुगतान के लिए किया जाना था।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि HEC की जमीन का इस्तेमाल किया जाता है तो संस्थान के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केवल जमीन या संपत्ति के इस्तेमाल से HEC की मूल समस्या का समाधान नहीं होगा। संस्थान को उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्याप्त कार्यशील पूंजी, आधुनिक मशीनरी और जरूरी संसाधनों की जरूरत है।
आधुनिकीकरण और कर्मचारियों के बकाये के समाधान की मांग
केशव महतो कमलेश ने कहा कि HEC को बचाने के लिए केंद्र सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देना चाहिए। इसके साथ ही आधुनिकीकरण की समयबद्ध योजना तैयार कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम होना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों के लंबित वेतन और अन्य देनदारियों के भुगतान की भी मांग की। उन्होंने कहा कि संसदीय समिति के दौरे से भी HEC की मौजूदा स्थिति की गंभीरता सामने आई है। ऐसे में केंद्र सरकार को मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
बंदी और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि HEC को बंद करना, निजी हाथों में सौंपना या उसकी जमीन बेचकर आर्थिक संकट का समाधान निकालना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि HEC के पुनरुद्धार के लिए केंद्र को ठोस वित्तीय सहायता देने के साथ दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। कमलेश ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने HEC को बचाने के लिए जल्द कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस कर्मचारियों और झारखंड की जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन सड़क से संसद तक ले जाया जाएगा।