Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार, 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को आषाढ़ माह (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा, जो भगवान गणेश के कृष्णपिंगल स्वरूप को समर्पित है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गणपति की पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। चतुर्थी तिथि 3 जुलाई सुबह 11:20 बजे शुरू होकर 4 जुलाई दोपहर 12:39 बजे तक रहेगी। संकष्टी व्रत का पारण चंद्रोदय के बाद किया जाता है, जो आज रात 9:53 बजे होगा।
सूर्य-चंद्र की स्थिति और आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, जो 4 जुलाई रात 12:48 बजे के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्योदय सुबह 5:28 बजे और सूर्यास्त शाम 7:23 बजे होगा। आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा, जबकि अमृत काल 4 जुलाई तड़के 2:29 बजे से 4:12 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:25 बजे, गुलिकाल सुबह 7:12 बजे से 8:56 बजे और यमगण्ड दोपहर 3:54 बजे से शाम 5:39 बजे तक रहेगा।
आज का नक्षत्र और बनने वाले योग
आज चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में दोपहर 11:46 बजे तक रहेंगे, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। श्रवण नक्षत्र के देवता भगवान विष्णु और स्वामी चंद्रदेव हैं। यह नक्षत्र ज्ञान, सीखने की क्षमता, गंभीरता और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। आज विष्कम्भ योग शाम 5:00 बजे तक रहेगा, जिसके बाद प्रीति योग शुरू होगा। वहीं विष्टि (भद्रा) करण सुबह 11:20 बजे तक और इसके बाद बव करण मध्यरात्रि 12:03 बजे तक रहेगा।
आज का धार्मिक महत्व और व्रत का फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश के कृष्णपिंगल स्वरूप की पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह दिन विशेष रूप से नए कार्यों की सफलता, बुद्धि, आत्मबल और आर्थिक उन्नति की कामना के लिए शुभ माना गया है। श्रद्धापूर्वक व्रत, पूजा, मंत्र जाप और चंद्र दर्शन के बाद गणेशजी की आराधना करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।