Chaibasa Bridge Controversy: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की संजय नदी पर बन रहे बलिया घाट पुल के निर्माण को लेकर नया विवाद सामने आया है. लगभग तैयार हो चुके इस पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए स्थानीय वार्ड संख्या-1 के पार्षद स्वपन कुमार मिस्त्री ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है. उन्होंने मामले की तकनीकी जांच कराने और जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की है.
निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर लगाए गंभीर आरोप
पार्षद ने ग्रामीण विकास विभाग के विशेष प्रमंडल, चाईबासा के कार्यपालक अभियंता को पत्र भेजकर दावा किया है कि पुल की रिटर्निंग वॉल के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. उनके अनुसार, जहां निर्माण में बालू का उपयोग होना चाहिए, वहां पूरी तरह स्टोन डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे पुल की गुणवत्ता और मजबूती प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा होने की आशंका है.
स्वतंत्र जांच और निर्माण रोकने की मांग
शिकायत में पार्षद ने मांग की है कि अब तक हुए सभी ढलाई कार्यों की किसी स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराई जाए. उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो मानकों के विपरीत किए गए निर्माण को हटाकर दोबारा गुणवत्ता के अनुरूप काम कराया जाए. साथ ही जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य तत्काल रोकने की भी मांग की गई है.
हजारों लोगों की उम्मीदों से जुड़ा है पुल
ग्रामीण विकास विभाग के विशेष प्रमंडल की ओर से करीब 4.07 करोड़ रुपये की लागत से 97 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है. पुल बनने के बाद गोईलकेरा, सोनुवा और चक्रधरपुर प्रखंड के हजारों लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है. हालांकि निर्माण गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों पर विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में अब स्थानीय लोगों की नजर जांच और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है.