इस कार्रवाई के साथ मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें तीन नाबालिग और दो बालिग आरोपी शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है.
दो बालिग आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
गुरुवार को प्रेस वार्ता में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि गिरफ्तार बालिग आरोपियों में सोनू राम सरदार और राज लोहार शामिल हैं. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
एसएसपी ने कहा कि पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. मामले में नामजद सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है.
मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल पर 2 लाख रुपये का इनाम
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड का मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल अब भी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. पुलिस ने लोगों से भी उसके संबंध में सूचना देने की अपील की है.
मामले में डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह, बार मैनेजर तथा अन्य नामजद आरोपियों की भी तलाश जारी है. नीरज सिंह के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज है और पुलिस पहले उनके घर पर छापेमारी भी कर चुकी है, हालांकि वह वहां नहीं मिले थे.
कुल्हाड़ी और चाकू से किया गया था हमला
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में चाकू के साथ कुल्हाड़ी का भी इस्तेमाल हुआ था. एक आरोपी के पास कुल्हाड़ी और दूसरे के पास चाकू था. इन्हीं हथियारों से हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष सिंह पर हमला किया गया था.
हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. प्रत्यूष सिंह भी इस हमले में घायल हुए थे.
बार के अंदर विवाद के बाद बाहर बुलाए गए थे आरोपी
प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना से पहले डीडी बार के अंदर हिमांशु सिंह और दूसरे पक्ष के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल ने अपने साथियों को मौके पर बुलाया.
इसके बाद बार के बाहर हिमांशु सिंह और प्रत्यूष सिंह के साथ मारपीट की गई. पुलिस के मुताबिक, दोनों पर जानलेवा हमला किया गया, जिसके बाद हिमांशु सिंह की हालत बिगड़ती चली गई और बाद में उनकी मौत हो गई.
फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है. जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है. पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.