Railway Revenue: दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्क्रैप (कबाड़) निस्तारण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. रेलवे ने अप्रैल से जून के दौरान स्क्रैप बिक्री से ₹148.54 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में दक्षिण पूर्व रेलवे का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है.
रेलवे के अनुसार, यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21.24 प्रतिशत अधिक है. वहीं, चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के निर्धारित आनुपातिक लक्ष्य से यह 65.04 प्रतिशत ज्यादा है. स्क्रैप निस्तारण से रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलने के साथ-साथ रेलवे परिसरों की साफ-सफाई और अनुपयोगी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग में भी मदद मिली है.
जीरो स्क्रैप मिशन को मिली रफ्तार
दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ए.के. जैन के नेतृत्व में अक्टूबर 2026 तक "जीरो स्क्रैप मिशन" को पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. उनके मार्गदर्शन में सभी विभागों को अनुपयोगी और अप्रचलित सामग्रियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं.
पहली तिमाही में हुआ बड़े पैमाने पर स्क्रैप निस्तारण
पहली तिमाही के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे ने 22,398 मीट्रिक टन लौह स्क्रैप, 440 मीट्रिक टन अलौह स्क्रैप, 42 रेल कोच, 306 वैगन तथा 2,963 मीट्रिक टन अन्य अनुपयोगी सामग्री का निस्तारण किया.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शन के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे स्क्रैप बिक्री से राजस्व अर्जित करने के मामले में देश के 18 रेलवे जोनों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है.
स्वच्छ रेलवे और बेहतर संसाधन प्रबंधन पर जोर
"जीरो स्क्रैप मिशन" को सफल बनाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे के स्टोर्स विभाग ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर रेलखंडों, डिपो, कार्यशालाओं, शेडों और अन्य रेलवे परिसरों में विशेष अभियान चलाया. इस दौरान वर्षों से जमा अनुपयोगी स्क्रैप की पहचान कर उसके शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई.
रेलवे का कहना है कि इस अभियान से न केवल रेलवे परिसर अधिक स्वच्छ बनेंगे, बल्कि परिचालन दक्षता बढ़ेगी, अवरुद्ध पूंजी का बेहतर उपयोग होगा और भारतीय रेलवे के राजस्व में भी लगातार वृद्धि होगी.