Adityapur: आदित्यपुर नगर निगम में कार्यरत सफाई कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी लागू करने, PF और ESI की सुविधा देने तथा ठेकेदार की कथित मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को भाजपा नेत्री डिंपल लमाई के नेतृत्व में 100 से अधिक सफाई कर्मियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। कर्मियों के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र को सफाई व्यवस्था के लिए 7 जोन में बांटा गया है, जहां प्रत्येक जोन में लगभग 25-25 मजदूर कार्यरत हैं। आरोप है कि ठेकेदार उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से काफी कम, केवल ₹350 प्रतिदिन का भुगतान कर रहा है।
PF और ESI सुविधा नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो PF का लाभ मिल रहा है और न ही ESI की सुविधा दी जा रही है। साथ ही उनका कहना है कि जब भी वे अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो ठेकेदार द्वारा उन्हें धमकाया जाता है और काम से निकालने की चेतावनी दी जाती है। इस मामले पर नगर निगम का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की अनुपस्थिति से सफाई कर्मियों में नाराजगी और बढ़ गई है।
भाजपा नेत्री ने आंदोलन की दी चेतावनी
धरने का नेतृत्व कर रहीं भाजपा नेत्री डिंपल लमाई ने कहा कि सफाई कर्मी शहर की बुनियादी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका शोषण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही न्यूनतम मजदूरी, PF और ESI लागू नहीं किया गया तथा दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरना जारी, काम बंद करने की चेतावनी
सफाई कर्मियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका धरना जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने जरूरत पड़ने पर काम का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है। धरने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मानसून के मौसम में कचरा उठाव बाधित होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।