Nag Panchami 2026: इस बार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को यानी आज मनाया जा रहा है. खास बात यह है कि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है. ऐसे में भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का महत्व और बढ़ गया है.
सुबह इस समय करें नाग पंचमी की पूजा
नाग पंचमी पर पूजा का शुभ समय सुबह 5:50 बजे से 8:28 बजे तक रहेगा. इस दौरान श्रद्धालु नाग देवता की पूजा कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति सावन सोमवार का व्रत रख रहा है, तो उसे अलग से नाग पंचमी व्रत का संकल्प लेने की जरूरत नहीं मानी जाती. वहीं, नाग पंचमी का व्रत रखने वाले व्यक्ति के लिए सावन सोमवार के व्रत को लेकर अलग नियम हो सकते हैं.
पहले शिव पूजा, फिर नाग देवता की पूजा
इस बार सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन होने से कई लोगों के मन में पूजा के क्रम को लेकर सवाल है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पहले भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. इसके बाद नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि नाग भगवान शिव के प्रिय आभूषण हैं. इसलिए नाग पंचमी पर शिव पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है.
इन नागों की पूजा की मान्यता
शिव पुराण में नागों को दो श्रेणियों में बताया गया है. इनमें दिव्य और भौम नाग शामिल हैं. दिव्य नागों में अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल का नाम बताया गया है. नाग पंचमी पर इन दिव्य नागों के चित्र या प्रतिमा की पूजा करने की परंपरा है. वहीं, धरती पर रहने वाले भौम नागों के दर्शन को भी शुभ माना जाता है.
शिव कृपा पाने का अवसर
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी पर शुभ समय में भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद मिलता है. हालांकि, पूजा की विधि और मान्यताएं अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकती हैं.