Chandil: झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार और उप निदेशक शंभू प्रसाद यादव ने मंगलवार को चांडिल जलाशय और फिश फीड मिल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलाशय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मत्स्य उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के बाद चांडिल बांध विस्थापित एवं स्वर्णरेखा मत्स्यजीवी समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, जलाशय के वैज्ञानिक प्रबंधन और मत्स्यजीवियों की आय में वृद्धि को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
वैज्ञानिक प्रबंधन पर दिया जोर
मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से जलाशय का प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का संचयन और समितियों की सक्रिय भागीदारी से मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र मत्स्यजीवियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उच्च गुणवत्ता वाले फिश फीड पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान फिश फीड मिल की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उच्च गुणवत्ता वाला संतुलित मछली आहार तैयार करने पर विशेष जोर दिया, ताकि मत्स्य उत्पादन को और बेहतर बनाया जा सके। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी रौशन कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी राज कुमार तुरी के साथ दोनों मत्स्यजीवी समितियों के पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे।