Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-30

Supreme Court PIL: भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार, हाईकोर्ट जाने की दी सलाह

Supreme Court PIL: बिहार के भोजपुर में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले संबंधित हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है. इस फैसले के बाद फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई हाईकोर्ट में होने की संभावना है.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर जताई आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दाखिल कर भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने, एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग भी की गई थी.

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता से पूछा कि उन्होंने किस अधिकार और हैसियत से यह जनहित याचिका दायर की है. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में राहत चाहिए तो पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाए. इससे पहले भी मामले का उल्लेख सुप्रीम कोर्ट में किए जाने पर तत्काल सुनवाई नहीं हुई थी और रजिस्ट्री के समक्ष प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया था.

याचिका में लगाए गए हैं कई गंभीर आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि 17 जून को भोजपुर में हुए एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और इसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है. याचिकाकर्ता का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का निष्पक्ष तरीके से खुलासा हो सके.

याचिका में यह भी कहा गया है कि एनकाउंटर में होने वाली मौतें कानून के शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं. इसमें आरोप लगाया गया है कि ऐसे मामलों में अक्सर पुलिस की ओर से एक जैसी परिस्थितियों का हवाला दिया जाता है, इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है.

एनकाउंटर को लेकर क्या है पूरा विवाद
याचिका के मुताबिक, 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी ने घटना से कुछ घंटे पहले फेसबुक लाइव के दौरान कथित तौर पर कुछ शर्तें पूरी होने पर आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई थी. मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी का दावा है कि उनके बेटे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उसके खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज थी और न ही कोई चार्जशीट दाखिल हुई थी.

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आत्मसमर्पण के बाद भी भरत भूषण तिवारी को गोली मारी गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए मामले में आगे की राहत के लिए हाईकोर्ट जाने का रास्ता खुला रखा है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !