Jamshedpur News : सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के बाराद्वारी कुम्हारपाड़ा में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इलाके में स्थित नरेश अग्रवाल के मकान में पुराने हिस्से की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भवन का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया। तेज धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
मरम्मत के दौरान अचानक गिरी दीवार और छत
मकान मालिक नरेश अग्रवाल ने बताया कि पुराने और जर्जर हिस्से को हटाकर उसकी मरम्मत की जा रही थी। निर्माण कार्य के दौरान अचानक दीवार और छत का एक बड़ा हिस्सा एक साथ ढह गया। उस समय मौके पर मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने समय रहते स्थिति को भांप लिया और सुरक्षित स्थान पर हट गए। इसी वजह से बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मलबा गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
भवन का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त, मलबा हटाने का काम जारी
हादसे में भवन का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हादसे के समय अधिक मजदूर या अन्य लोग वहां मौजूद होते, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। साथ ही भवन के शेष हिस्से की भी सुरक्षा के लिहाज से जांच की जा रही है, ताकि आगे किसी तरह की दुर्घटना न हो।
जर्जर निर्माण को माना जा रहा हादसे का कारण
प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि भवन का पुराना और कमजोर ढांचा हादसे की मुख्य वजह हो सकता है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने भवनों की मरम्मत या तोड़फोड़ के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी होने से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने भवन मालिकों से भी अपील की कि जर्जर इमारतों की मरम्मत के दौरान विशेषज्ञों की सलाह और सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।