Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है. उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी शामिल होने की बात कही गई है.
परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने दावा किया कि महाराष्ट्र में परीक्षा से एक दिन पहले TET रद्द करनी पड़ी, क्योंकि कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया था. उनका कहना है कि इससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.
दीपके ने आरोप लगाया कि NEET विवाद के बाद महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मामला भी यह दिखाता है कि सरकार निष्पक्ष परीक्षाएं कराने में विफल रही है. इसी आधार पर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग दोहराई.
गिरफ्तारी और सरकार पर लगाए आरोप
दीपके ने दावा किया कि इस मामले में पुलिस ने भिवंडी से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अंतरराज्यीय गिरोह का भी भंडाफोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से शिक्षक और अभ्यर्थी TET से जुड़े कथित घोटालों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किए गए.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है. साथ ही छात्रों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील करते हुए राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले धन के स्रोत पर भी सवाल खड़े किए.
आंदोलन तेज करने का ऐलान
CJP संस्थापक ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को आगे और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार और पारदर्शिता की मांग के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक रविवार से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे.
दीपके ने बताया कि संगठन ने पहले ही प्रधान गो बैक अभियान शुरू कर दिया है. उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की. समाचार लिखे जाने तक केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय या संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.