Ncert Emergency Chapter Controversy: एनसीईआरटी की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में आपातकाल से जुड़े अध्याय को शामिल किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता हुसैन दलवई की आपत्ति पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने पलटवार करते हुए कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था और इसकी सच्चाई नई पीढ़ी को जरूर बताई जानी चाहिए. इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
आपातकाल को लेकर BJP का कांग्रेस पर हमला
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि आपातकाल देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगा ऐसा दाग है, जिसके बारे में विद्यार्थियों को जानकारी मिलनी चाहिए. उनका कहना है कि उस दौर में मौलिक अधिकारों पर असर पड़ा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में लोगों को जेल भेजा गया. उन्होंने दावा किया कि इतिहास की इन घटनाओं से नई पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो.
गुरु प्रकाश ने कांग्रेस के उस रुख की भी आलोचना की, जिसमें पार्टी नेताओं ने पाठ्यक्रम में इस अध्याय को शामिल किए जाने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद सत्ता में बने रहने के लिए देश में आपातकाल लागू किया था. उनके मुताबिक, इतिहास के इस पक्ष को छात्रों तक पहुंचाना आवश्यक है.
कांग्रेस ने एकतरफा इतिहास पढ़ाने पर जताई आपत्ति
एनसीईआरटी की नई पुस्तक को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि वे आपातकाल का समर्थन नहीं करते, लेकिन इतिहास को केवल एक नजरिए से प्रस्तुत करना भी उचित नहीं है. उनका आरोप है कि विद्यार्थियों को एक विशेष वैचारिक सोच के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है.
इसी बीच गुरु प्रकाश ने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए एलपीजी आपूर्ति बहाल किए जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि सरकार की प्राथमिकता शुरू से गरीब, दलित, शोषित और वंचित वर्ग का कल्याण रही है तथा वैश्विक परिस्थितियां सामान्य होने के बाद राहत संबंधी कदम फिर से उठाए गए हैं.
अन्य राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी रखी राय
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वे भारतीय राजनीति को गंभीरता से नहीं लेते और महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसरों पर अक्सर विदेश में रहते हैं. इसके अलावा उन्होंने पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार फैसला करेगी.
दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज में कथित लापरवाही के मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जांच के आदेश का उन्होंने स्वागत किया और कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं कर्नाटक आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और दावा किया कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां ऐसे मामले सामने आते रहते हैं.
समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश के इन बयानों पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं एनसीईआरटी की नई किताब में आपातकाल अध्याय को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है.