Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-27

Aaj Ka Panchang: शुक्ल त्रयोदशी के प्रदोष व्रत का विशेष महत्व, जाने सूर्यास्त के बाद शिव पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय

Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज, 27 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज शनि शुक्ल प्रदोष व्रत का विशेष योग बन रहा है। प्रत्येक चंद्र मास की दोनों त्रयोदशी तिथियों को प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है, और जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में आती है तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। शनिवार के दिन पड़ने पर इसे शनि प्रदोष कहा जाता है, जो भगवान शिव और शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

पंचांग एवं ग्रह स्थिति का विवरण
आज सूर्य देव मिथुन राशि में और चंद्र देव वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। तिथि शुक्ल त्रयोदशी मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी शुरू होगी। योग साध्य दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, उसके बाद शुभ योग बनता है। करण कौलव दोपहर 11 बजकर 32 मिनट तक और तैतिल मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद गरज करण प्रभावी होगा।

शुभ-अशुभ मुहूर्त और समय
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जबकि अमृत काल प्रातः 10 बजकर 31 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। वहीं राहुकाल सुबह 08 बजकर 55 मिनट से 10 बजकर 39 मिनट तक, गुलिकाल सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 07 बजकर 10 मिनट तक और यमगण्ड दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। सूर्यास्त का समय सायं 07 बजकर 23 मिनट और चंद्रोदय सायं 05 बजकर 31 मिनट है।

नक्षत्र स्थिति और विशेष प्रभाव
आज चंद्रदेव अनुराधा नक्षत्र में रहेंगे, जो रात 10 बजकर 11 मिनट तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनिदेव हैं और इसका संबंध मित्रता, तालमेल और अनुशासन से माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक सामान्यतः मेहनती, साहसी, बुद्धिमान और स्पष्टवादी होते हैं। यह दिन धार्मिक दृष्टि से शिव उपासना और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !