Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो स्थित संजीव नेत्रालय में उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आँख के ऑपरेशन के बाद एक मरीज ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मरीज का आरोप है कि अस्पताल में 45 हजार रुपये खर्च कर आँख में लेंस प्रत्यारोपित कराया गया था, ताकि उसकी दृष्टि में सुधार हो सके। लेकिन ऑपरेशन के बाद स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ गई और आँख की रोशनी पहले से भी अधिक कम हो गई।
डॉक्टर का इंतजार और परिजनों का गुस्सा, अस्पताल परिसर में तीखी नोकझोंक
मरीज और उसके परिजनों ने बताया कि जब इस गंभीर लापरवाही के संबंध में अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की गई, तो उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। प्रबंधन ने यह कहकर मामले को टाल दिया कि संबंधित डॉक्टर के आने के बाद ही इस पर बात होगी। परिजनों का आरोप है कि घंटों इंतजार करने के बावजूद जब डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे, तो उनके सब्र का बांध टूट गया। इसके बाद मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अन्य मरीजों ने भी उठाए सवाल, प्रबंधन के रवैये पर भड़का लोगों का आक्रोश
इस हंगामे के दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों ने भी वहाँ की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि पीड़ित मरीज की शिकायत को संवेदनशीलता से लेने के बजाय अस्पताल प्रबंधन लगातार उसे नजरअंदाज करता रहा। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देख मौके पर मौजूद अन्य लोग भी भड़क गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
लापरवाही पर प्रबंधन की चुप्पी, पीड़ित ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतना बड़ा विवाद होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज का दोबारा चिकित्सकीय परीक्षण कराने की जहमत नहीं उठाई और न ही अपनी किसी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार की। वहीं, दूसरी ओर इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। न्याय न मिलता देख पीड़ित मरीज ने साफ कहा है कि वह इस घोर लापरवाही के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई का सहारा लेगा।