Jamshedpur: टाटा स्टील के लंबित वेज रिवीजन समझौते को लेकर चल रही बातचीत शुक्रवार को उस समय नाटकीय मोड़ पर पहुंच गई, जब यूनियन और प्रबंधन के बीच सहमति नहीं बन सकी। लगातार कई दौर की चर्चा के बावजूद गतिरोध कायम रहने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूत्रों के अनुसार, वेतन समझौते को लेकर कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच वार्ता चल रही थी। चर्चा के दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े रहे, जिससे बैठक का माहौल गरमा गया।
यूनियन अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी ने प्रबंधन के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों के सुझावों और मांगों पर विचार नहीं किया जाना है, तो बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसके बाद वे बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। यूनियन अध्यक्ष के बाहर निकलने के बाद महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह भी उनके साथ बैठक कक्ष से बाहर आ गए। इसके बाद तीनों यूनियन कार्यालय पहुंचे, जहां पहले से मौजूद कमेटी मेंबरों के साथ स्थिति पर चर्चा की गई।
एमजीबी और समझौते की अवधि पर फंसा मामला
जानकारी के मुताबिक, पिछले कई दिनों से प्रबंधन न्यूनतम गारंटीड बेनिफिट (MGB) को 7.5 प्रतिशत रखने और समझौते की अवधि को लंबा करने के प्रस्ताव पर जोर दे रहा है। वहीं यूनियन कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्रस्ताव की मांग कर रही है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। बैठक में आए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद वेज रिवीजन वार्ता का भविष्य फिर चर्चा में आ गया है। कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है या मामला किसी नए मोड़ पर पहुंचता है। फिलहाल वेतन समझौते को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।