Jharkhand News: प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में आरोपी कारोबारी विनीत कुमार अग्रवाल को राहत मिली है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है.
मामला टंडवा थाना कांड संख्या-2/2016 से जुड़ा हुआ है. यह केस सिमरिया थाना के तत्कालीन दारोगा रामधारी सिंह के बयान के आधार पर दर्ज किया गया था.
नक्सली संगठन को सहयोग और लेवी वसूली का आरोप
इस मामले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन को आर्थिक मदद पहुंचाने, कारोबारियों से लेवी वसूलने और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
केस में विनोद गंझू, मुनेश गंझू, प्रदीप राम, बीरबल गंझू, गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ ब्रिजेश गंझू, मुकेश गंझू, कोहराम जी, अकरमण जी उर्फ रविंद्र गंझू, अनिश्चय गंझू, दीपू सिंह उर्फ भीकन, बिंदु गंझू उर्फ बिंदेश्वर गंझू और भीकन गंझू समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है.
जांच में बरामद हुए थे हथियार और लेवी की रकम
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, विनोद गंझू के ठिकाने से हथियार बरामद किए गए थे.
उसकी निशानदेही पर मुनेश गंझू, प्रदीप राम और बीरबल गंझू को भी गिरफ्तार किया गया था. इनके पास से हथियारों के साथ लेवी के रूप में वसूली गई रकम मिलने का दावा पुलिस ने किया था.
बाद में सामने आया था विनीत अग्रवाल का नाम
जांच आगे बढ़ने के दौरान पुलिस को कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी मिली, जिसमें कारोबारी विनीत कुमार अग्रवाल का नाम भी सामने आया. अब NIA कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.