Chandil News: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र स्थित भुइयांडीह में गैलेक्सी एक्सपोर्ट इंगोट प्लांट में मंगलवार को हुए फर्नेस ब्लास्ट के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने पत्थर, बांस और बल्लियां लगाकर प्लांट के प्रवेश द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे कंपनी के अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लग गई.
धमाके से दहल गया था पूरा इलाका
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को हुए फर्नेस ब्लास्ट का धमाका काफी तेज था, जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी. विस्फोट के बाद धूल और धुएं का बड़ा गुबार उठ गया, जिससे आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ. हादसे में प्लांट के दो कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि एक अन्य कर्मी सुरक्षित बच गया. घायलों को इलाज के लिए जमशेदपुर भेजा गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
बार-बार हो रही घटनाओं से नाराज हैं ग्रामीण
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि प्लांट में आए दिन तकनीकी खराबी और छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं. घनी आबादी के बीच संचालित इस उद्योग से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में इससे बड़ा हादसा हुआ तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है.
सुरक्षा जांच और प्लांट हटाने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्लांट को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए. इसके अलावा पूरे प्लांट की उच्चस्तरीय सुरक्षा जांच कराई जाए और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन
गेट जाम की सूचना मिलते ही चांडिल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. वहीं फर्नेस ब्लास्ट के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था.
क्षेत्र में बना हुआ है भय का माहौल
घटना के बाद भुइयांडीह और आसपास के क्षेत्रों में भय और असुरक्षा का माहौल है. लोग प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान होने तक विरोध जारी रहेगा.