Jamshedpur: टाटा स्टील ने संगठन के भीतर नेतृत्व विकास और करियर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए जॉब रोटेशन एवं करियर प्लानिंग पहल के तहत महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलावों की घोषणा की है। 15 जुलाई से लागू होने वाले इस निर्णय के तहत विभिन्न विभागों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कंपनी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में डब्ल्यूआरएम मैकेनिकल मेंटेनेंस विभाग का नेतृत्व कर रहे मो. परवेज कैसर को नई भूमिका सौंपी गई है। उन्हें सीआरएम बारा के मिल्स मैकेनिकल मेंटेनेंस विभाग में हेड मेंटेनेंस नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी में वे तकनीकी मामलों में चीफ मैकेनिकल मिल्स तथा प्रशासनिक मामलों में चीफ कोल्ड रोलिंग कॉम्प्लेक्स वेस्ट को रिपोर्ट करेंगे। उनका कार्यस्थल जमशेदपुर ही रहेगा।
वित्तीय प्रबंधन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई
इसी क्रम में गिलियन एन. मिरांडा को भी अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। वह वर्तमान में ग्लोबल वायर्स इंडिया में हेड फाइनेंस एवं वायर्स बिजनेस की फाइनेंशियल कंट्रोलर हैं। अब उन्हें एचआरपीजीएल परियोजना, सीआरसी वेस्ट से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई है। इस भूमिका में वह चीफ फाइनेंस ई एंड पी तथा कैपिटल प्लानिंग को रिपोर्ट करेंगी और गोरेगांव से अपना कार्य जारी रखेंगी।
टाटा मोटर्स में फिर हो सकता है ब्लॉक क्लोजर
दूसरी ओर, जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स प्लांट में शनिवार को एक बार फिर ब्लॉक क्लोजर लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्पादन में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रबंधन जुलाई महीने तक प्रत्येक शनिवार को ब्लॉक क्लोजर लागू करने पर विचार कर रहा है। जानकारी के मुताबिक कंपनी को विभिन्न राज्यों से वाहन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कलपुर्जों की नियमित आपूर्ति होती है, लेकिन हाल के दिनों में सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण आवश्यक पार्ट्स समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा है।
पहले से तैयार वाहनों का भी बढ़ा दबाव
बताया जा रहा है कि प्लांट में पहले से निर्मित बड़ी संख्या में वाहन विभिन्न स्थानों पर खड़े हैं। ऐसे में उत्पादन की रफ्तार कम करने और उपलब्ध संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए ब्लॉक क्लोजर की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि इस संबंध में कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।