Jamshedpur : शहर में एक बार फिर पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई है। इस बार भी पुलिस हिरासत में लिए गए अपराधी को पीओ वेरिफिकेशन और बरामदगी के लिए ले जाया गया था, जहां उसने पुलिस जवान की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग करने की कोशिश की। हालांकि वह अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। घायल अपराधी का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।

घायल अपराधी की पहचान हरपाल सिंह उर्फ गबरू के रूप में हुई है। उसे सोमवार रात शहर में हुई चेन स्नैचिंग की घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था।
दरअसल सोमवार शाम टेल्को इलाके में एक महिला से चेन छिनताई की सूचना मिलने के बाद शहर की करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी कर बदमाशों की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दो अन्य बदमाश पुलिस से बचने के लिए सिदगोड़ा स्थित जैप-6 मुख्यालय में घुस गए। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना में नया मोड़ तब आया जब देर रात सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैयाज अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीम गिरफ्तार अपराधी हरपाल सिंह उर्फ गबरू को छिनतई गए चेन की बरामदगी के लिए टाउन हॉल के पास लेकर पहुंची। पुलिस के अनुसार इसी दौरान गबरू ने एएसआई सुशांत सुंडी का सर्विस रिवॉल्वर छीन लिया और फायरिंग का प्रयास किया। हालांकि जवान बाल-बाल बच गया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गबरू घायल हो गया।
घायल अपराधी को तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैयाज अहमद ने घटना की पुष्टि की है।
इस घटना ने इसी वर्ष जनवरी में हुए चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड की यादें ताजा कर दी हैं। उस मामले में भी हथियार बरामदगी के लिए ले जाए गए एक आरोपी द्वारा पुलिस का हथियार छीनकर फायरिंग किए जाने का दावा किया गया था, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हुए थे।
सोमवार की घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर एक कथित सड़कछाप स्नैचर में इतनी हिम्मत कहां से आई कि उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश की। वहीं दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि उसके जवानों की सतर्कता और साहस के कारण किसी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा, जबकि अपराधियों द्वारा कई राउंड फायरिंग की गई।
अब यह जांच का विषय है कि यह पूरी घटना महज एक फिल्मी पटकथा जैसी प्रतीत होने वाली वास्तविक मुठभेड़ है या फिर शहर में अपराधियों के बढ़ते मनोबल का संकेत। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।