Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने साफ कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ही असली तृणमूल कांग्रेस है. साथ ही उन्होंने इंडिया गठबंधन से भी जल्द प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरे पर सहमति बनाने की जरूरत बताई.
टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं पर संजय राउत ने साधा सीधा निशाना
सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में हुई टूट को लेकर लगातार चर्चा करने का अब कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इस घटनाक्रम को काफी समय बीत चुका है. उन्होंने कहा कि अब ध्यान उन नेताओं पर होना चाहिए जिन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया.
राउत ने कहा कि समय के साथ इन नेताओं को यह भी समझ में आ जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी की वास्तविक राजनीति क्या है. उनका दावा था कि आखिरकार ऐसे नेताओं को किनारे कर दिया जाएगा.
छोटी क्षेत्रीय पार्टी का दामन थामने के फैसले पर भी उठाए सवाल
शिवसेना यूबीटी सांसद ने बागी नेताओं के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों ने एक ऐसे राजनीतिक दल का साथ चुना है जो खुद अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है, उन्हें अपने फैसले पर विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हाल ही में असम में हुए चुनाव में इस पार्टी को केवल करीब 800 वोट मिले थे. ऐसे में यह समझना मुश्किल है कि इस तरह के राजनीतिक विकल्प को चुनने के पीछे क्या सोच रही होगी. राउत ने आरोप लगाया कि इसके पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति भी हो सकती है. हालांकि आगे की स्थिति क्या होगी, इसका जवाब आने वाला समय देगा.
बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने का दावा हुआ मजबूत
तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों ने त्रिपुरा की क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने का फैसला किया है. इस बीच काकोली घोष ने दावा किया है कि बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच गई है.
कुछ समय पहले सामने आई सूची में 19 लोकसभा सांसदों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था. इसके बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल और तेज हो गई है.
ममता बनर्जी की पार्टी को बताया असली तृणमूल कांग्रेस
संजय राउत ने कहा कि उनके मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ही वास्तविक तृणमूल कांग्रेस है. उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर दूसरे खेमे में गए हैं, उन्हें जल्द ही राजनीतिक हकीकत का एहसास हो जाएगा.
इंडिया गठबंधन के सामने पीएम चेहरे का सवाल सबसे बड़ा मुद्दा
दिल्ली में हाल में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा कि विपक्षी गठबंधन को अब प्रधानमंत्री पद के चेहरे पर स्पष्ट फैसला करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन बिना किसी चेहरे के जनता के बीच जाएगा तो लोगों का पहला सवाल यही होगा कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है.
राउत के मुताबिक इस सवाल का स्पष्ट जवाब होना जरूरी है, क्योंकि इससे गठबंधन को चुनावी रणनीति बनाने और जनता के सामने मजबूती से जाने में मदद मिलेगी.
उद्धव ठाकरे ने भी बैठक में उठाया था यह मुद्दा
आठ जून को दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक में शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हो पाए थे. उन्होंने मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में हिस्सा लिया था.
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने भी सुझाव दिया था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन को प्रधानमंत्री पद के लिए एक साझा चेहरा घोषित करना चाहिए, ताकि सभी सहयोगी दल एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतर सकें.