Crude Oil Price Drop: खाड़ी क्षेत्र में कई महीनों से जारी तनाव और युद्ध के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों बाद शांति समझौते का ऐलान किया गया है। इस समझौते के साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है। युद्ध खत्म होने की खबर का सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर देखने को मिला, जहां कीमतों में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
तेल आपूर्ति संकट की आशंका खत्म, क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट
शांति समझौते के बाद तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं पर विराम लग गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 4.39 फीसदी गिरकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स भी करीब 4 फीसदी टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। इससे पहले ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा था।
भारत में सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल, बढ़ीं उम्मीदें
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। हालांकि घरेलू कीमतों पर अंतिम फैसला तेल कंपनियों और सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना मजबूत हुई है।
एशियाई शेयर बाजारों में लौटी रौनक, निवेशकों में उत्साह
युद्ध समाप्त होने और तेल सस्ता होने की खबरों से एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। निवेशकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें कम होने से महंगाई पर दबाव घटेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। इससे बाजारों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
ट्रंप का दावा- समझौते से खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य, फिर बहने लगेगा तेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने दावा किया कि समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के खोला जाएगा, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाई जाएगी और दुनिया भर में तेल की आपूर्ति फिर से सामान्य हो सकेगी। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।