Jharkhand: रोजगार की तलाश में घर से दूर गई पूर्वी सिंहभूम जिले की एक महिला की आंध्र प्रदेश में हुई असामयिक मौत के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके पार्थिव शरीर को गृह राज्य तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की। मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए। मृत महिला की पहचान गुड़ाबांदा प्रखंड के मुचरीशोल गांव निवासी पुड़गी मुर्मू के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार 13 जून को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार शोक में डूब गया।
पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस से भेजा गया शव
मामले की जानकारी मिलते ही पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विभिन्न एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित किया। श्रम विभाग ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), विशाखापट्टनम से समन्वय कर घटना की पुष्टि कराई। साथ ही आंध्र प्रदेश में प्रवासी मजदूरों की सहायता करने वाली संस्था माइग्रेंट असिस्टेंस एंड इंफॉर्मेशन नेटवर्क (MAIN) की मदद से पूरे मामले का सत्यापन कराया गया। सभी कानूनी प्रक्रियाएं और पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रशासन ने महिला के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की। विशेष एम्बुलेंस के माध्यम से शव को झारखंड रवाना किया गया, ताकि परिजन अपने रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कर सकें।
परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता
दुख की इस घड़ी में प्रशासन ने मृतका के परिवार को आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराया। मृतका के माता-पिता को मुख्यमंत्री झारखंड दुर्घटना सहायता कोष योजना के तहत स्वीकृत राहत राशि से संबंधित चेक प्रदान किया गया, जिससे परिवार को तत्काल सहायता मिल सके। पूरी प्रक्रिया के दौरान स्टेट माइग्रेंट कंट्रोल रूम (OSMCR) लगातार सक्रिय रहा। कंट्रोल रूम ने स्थानीय प्रशासन, श्रम विभाग और मृतका के परिजनों के बीच समन्वय बनाकर सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।