Dumka News : आदिवासी अधिकार मंच और झारखंड राज्य किसान सभा के बैनर तले बुधवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण पचुवारा कोल ब्लॉक परियोजना का विरोध करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। धरना में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
ग्राम सभा की सहमति के बिना सर्वे और भूमि अधिग्रहण का आरोप
धरना-प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुण्डापहाड़ी, चिरूडीह, मोहलडाबर समेत कई गांवों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण की प्रक्रिया चलाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह संविधान प्रदत्त अधिकारों और आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने ऐसी सभी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
सात सूत्री मांग पत्र में उठाए कई मुद्दे, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सात सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए अवैध सर्वे कार्य पर रोक लगाने, वैधानिक ग्राम सभाओं का आयोजन सुनिश्चित करने, लंबित वनाधिकार पट्टा दावों का शीघ्र निपटारा करने तथा आदिवासियों पर हो रहे कथित उत्पीड़न को बंद करने की मांग की। इसके अलावा स्थानीय लोगों की सहमति के बिना किसी भी विकास या खनन परियोजना को आगे नहीं बढ़ाने की बात भी कही गई।
धरना में शामिल संगठनों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।