Ranchi News : सड़क पर ड्यूटी के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और हार्ट अटैक के मरीजों की जान बचाने के उद्देश्य से रांची में ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जवानों को हृदयाघात की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी दी गई।
सीपीआर और आपातकालीन सहायता की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने जवानों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देने की प्रक्रिया, हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों की पहचान और मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले किए जाने वाले जरूरी उपायों के बारे में विस्तार से बताया। जवानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे मौके पर प्रभावी ढंग से सहायता कर सकें।
सड़क पर मौजूद जवान बनेंगे फर्स्ट रिस्पॉन्डर
अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड जवान शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर तैनात रहते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक या अन्य चिकित्सीय आपात स्थिति होने पर वे सबसे पहले मदद पहुंचा सकते हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में तैयार करना है, ताकि अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज को आवश्यक सहायता मिल सके और उसकी जान बचाई जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि हार्ट अटैक के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर सीपीआर और प्राथमिक उपचार मिल जाए तो मरीज के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जवानों को जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।