JPSC 2026: झारखंड में सिविल जज बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है. झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC ने सिविल जज प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है. आयोग ने यह नया परिणाम संशोधित उत्तर कुंजी के आधार पर तैयार किया है और इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है.
उत्तर कुंजी पर उठे सवालों के बाद बदली गई मूल्यांकन प्रक्रिया
दरअसल, विज्ञापन संख्या 22/2023 के तहत 138 पदों पर भर्ती के लिए 10 मार्च 2024 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद जारी उत्तर कुंजी को लेकर कई अभ्यर्थियों और अन्य पक्षों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं. मामला विभिन्न स्तरों पर पहुंचा और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उत्तर कुंजी की समीक्षा की गई. इसके बाद आयोग ने उसमें आवश्यक संशोधन किया.
नए सिरे से जांच के बाद प्रकाशित किया गया परिणाम
संशोधित उत्तर कुंजी लागू होने के बाद आयोग ने परीक्षा परिणाम का पुनर्मूल्यांकन कराया. इसी प्रक्रिया के तहत नया परीक्षाफल तैयार कर जारी किया गया है. ऐसे अभ्यर्थी जो लंबे समय से संशोधित परिणाम का इंतजार कर रहे थे, अब अपना रिजल्ट आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं.
परिणाम में गलती मिलने पर आयोग कर सकेगा सुधार
जेपीएससी ने अपने नोटिस में यह भी साफ किया है कि यदि प्रकाशित परिणाम में किसी प्रकार की त्रुटि, टंकण संबंधी गलती या तकनीकी चूक सामने आती है तो उसमें आवश्यक संशोधन करने का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा.
हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर भी रहेगी नजर
आयोग ने बताया है कि इस भर्ती परीक्षा से जुड़े कुछ मामले अभी झारखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं. ऐसे में जारी किया गया यह संशोधित परिणाम अदालत के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा. न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है.
138 पदों पर भर्ती के लिए जारी है पूरी प्रक्रिया
गौरतलब है कि यह भर्ती अभियान झारखंड न्यायिक सेवा में सिविल जज के 138 रिक्त पदों को भरने के लिए चलाया जा रहा है. संशोधित परिणाम जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण और आगे की चयन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं.
संशोधित उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम जारी कर JPSC ने लंबे समय से चल रहे विवाद और इंतजार के बीच एक अहम कदम उठाया है. हालांकि अंतिम स्थिति पर झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले का असर रहेगा, लेकिन फिलहाल अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है.