Ramgarh News: रामगढ़ जिले के किसानों के लिए गर्व का क्षण तब आया जब दुलमी और गोला प्रखंड में उत्पादित 4 टन अम्रपाली आम की खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार दुबई के लिए रवाना की गई। समाहरणालय परिसर से उपायुक्त ऋतुराज ने आम से लदे वाहन को हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की। यह उपलब्धि जिले के किसानों की मेहनत और सरकारी योजनाओं की सफलता का प्रतीक मानी जा रही है।
बिरसा हरित ग्राम योजना ने बदली बंजर जमीन की तस्वीर
कभी अनुपयोगी और बंजर मानी जाने वाली जमीन आज किसानों की आय का मजबूत आधार बन चुकी है। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाए गए आम के बागानों से अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले फल तैयार हो रहे हैं। योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए हैं।
“रामगढ़ झारखंड अम्रपाली” ब्रांड को मिली वैश्विक पहचान
दुबई भेजी गई 4 हजार किलोग्राम अम्रपाली आम की खेप को विशेष ग्रेडिंग और आकर्षक पैकेजिंग के बाद निर्यात किया गया। “रामगढ़ झारखंड अम्रपाली” ब्रांड के तहत भेजे गए इन आमों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में जिला प्रशासन, डीआरडीए-मनरेगा टीम और मनोन्नति महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) की अहम भूमिका रही।
महिला किसानों की मेहनत बनी सफलता की कुंजी
मनोन्नति महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी महिला किसानों ने संगठित प्रयास और तकनीकी मार्गदर्शन के बल पर इस उपलब्धि को संभव बनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता, ग्रेडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ गई है। इससे महिला किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
ग्रामीण विकास का सशक्त मॉडल बना रामगढ़
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक समृद्धि और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बन चुकी है। इस अवसर पर लाभुक किसानों और महिला किसान समूहों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, जिला योजना पदाधिकारी संतोष भगत, परियोजना पदाधिकारी अनुजा राणा समेत कई अधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।