Ranchi News: कांके अंचल के नगड़ी मौजा में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर विवाद एक बार फिर गहराता जा रहा है. परियोजना के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. इस मामले में अब उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग करने की तैयारी की जा रही है.
ग्रामीणों का आरोप उपजाऊ कृषि भूमि को घेरा जा रहा
ग्रामीणों का आरोप है कि रिम्स-2 के लिए करीब 227 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को घेरा जा रहा है. उनका कहना है कि यह जमीन लंबे समय से स्थानीय लोगों की खेती और आजीविका का मुख्य साधन रही है. ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस बल की मौजूदगी में परियोजना स्थल पर निर्माण से जुड़ा काम भी शुरू कर दिया गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी क्षेत्र की जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है. करीब 18 साल पहले यहां आईआईएम बनाने की योजना थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद संस्थान को दूसरी जगह स्थापित किया गया था.
अब ग्रामीणों का कहना है कि लंबे अंतराल के बाद सरकार फिर उसी इलाके में रिम्स-2 परियोजना को आगे बढ़ा रही है. हालांकि प्रशासन की ओर से इस जमीन को वर्ष 1957-58 में अधिग्रहित भूमि बताया जा रहा है.
विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं ग्रामीण
ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने कहा कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके लिए किसानों की उपजाऊ जमीन को खत्म करना उचित नहीं है. उन्होंने उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कर परियोजना के लिए किसी अन्य वैकल्पिक जमीन पर विचार करने की मांग की है.