होटल मालिक के बयान ने जांच को दी नई दिशा
जांच के दौरान होटल मालिक लवकेश बजाज ने पुलिस को बताया कि वह होटल के रोजमर्रा के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल नहीं था. उसके अनुसार, होटल से जुड़े लगभग सभी प्रशासनिक और प्रबंधकीय निर्णय जय मिश्रा लेता था. होटल के लाइसेंस और कई जरूरी दस्तावेज भी कथित रूप से उसी के नाम पर हैं. इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों का फोकस जय मिश्रा की भूमिका पर केंद्रित हो गया है.
वर्ष 2022 में खरीदी गई थी इमारत, बाद में बना होटल
पुलिस जांच में सामने आया है कि लवकेश बजाज ने वर्ष 2022 में इस इमारत को खरीदा था और बाद में इसे फ्लोरिस स्टे होटल के रूप में संचालित किया गया. मालिक का दावा है कि होटल शुरू होने के समय से ही जय मिश्रा इसकी देखरेख कर रहा था. होटल के विस्तार, कमरों की संख्या, आंतरिक बदलाव और संचालन संबंधी कई अहम फैसलों में उसकी भूमिका बताई जा रही है. होटल का लाइसेंस बेड एंड ब्रेकफास्ट श्रेणी के तहत लिया गया था.
हादसे के बाद से लापता है जय मिश्रा
पुलिस के मुताबिक, आग लगने की घटना के बाद से जय मिश्रा सामने नहीं आया है. जांच एजेंसियां उसकी तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी मिली है कि इलाके में उससे जुड़े दो से तीन अन्य होटल भी संचालित हैं. पुलिस अब उन होटलों की वैधता, दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रही है.
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
दिल्ली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. जांच एजेंसियां होटल संचालन, सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है.
21 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मालवीय नगर अग्निकांड ने राजधानी में होटल सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस हादसे में 21 लोगों की जान गई है, जिनमें 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, होटल से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था. कई घायलों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि कुछ लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है.
घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचीं मुख्यमंत्री
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना. उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.