Adityapur: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरायकेला विधायक चंपई सोरेन ने एस टाइप चौक स्थित फुटपाथी दुकानदारों की दुकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस कार्रवाई को गरीब दुकानदारों के अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर उन्हें उजाड़ने नहीं दिया जाएगा।
दुकानदारों के साथ बैठक, सुनी समस्याएं
बुधवार को जियाडा सभागार में एस टाइप चौक और प्रभात पार्क क्षेत्र के दुकानदारों के साथ आयोजित बैठक में चंपाई सोरेन ने उनकी समस्याएं सुनीं। बैठक में नगर निगम और झारखंड आवास बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद थे। दुकानदारों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि एक वेयरहाउस मालिक ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति, नगर निगम, आवास बोर्ड या जिला प्रशासन के आदेश के उनकी दुकानों पर बुलडोजर चलवा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से छोटे व्यवसाय के जरिए परिवार का भरण-पोषण करने वाले दुकानदारों को अचानक बेदखल करने की कोशिश की गई, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
एसपी को फोन कर जताई नाराजगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंपाई सोरेन ने बैठक के दौरान ही जिले के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पूछा कि जब दुकानदारों ने आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए मामले में तत्काल संज्ञान लेने को कहा।
दुकानदारों को दिया भरोसा
एसपी से बातचीत के बाद चंपाई सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित स्थानों से किसी भी दुकानदार को नहीं हटाया जाए। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे निश्चिंत होकर अपनी-अपनी जगह पर दुकान लगाएं और अपना व्यवसाय जारी रखें। उन्होंने कहा, "प्रशासन की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति गरीब दुकानदारों को बेदखल नहीं कर सकता। गरीबों और छोटे कारोबारियों का हक छीनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"
आवास बोर्ड की नीतियों पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड आवास बोर्ड की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार और आवास बोर्ड को रैयतदारों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। चंपाई सोरेन ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि रैयतदारों को उनकी जमीन के बदले 40 प्रतिशत हिस्सा दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के कारण स्थानीय रैयत और छोटे कारोबारी लगातार शोषण का सामना कर रहे हैं।
न्याय की उम्मीद जगी
बैठक में शामिल दुकानदारों ने चंपई सोरेन के हस्तक्षेप का स्वागत किया। उनका कहना था कि प्रशासनिक स्तर पर उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। चंपाई सोरेन ने कहा कि वह इस मामले की लगातार निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आंदोलन करेंगे। उन्होंने दोहराया कि गरीब दुकानदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।