Jharkhadn Crime Report : झारखंड में साइबर अपराध के लिए कुख्यात जामताड़ा के बाद अब पूर्वी सिंहभूम का जादूगोड़ा और उससे सटे इलाके साइबर ठगी के नए केंद्र के रूप में उभरकर सामने आए हैं। पिछले तीन वर्षों में यहां साइबर अपराध के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। मामला तब सुर्खियों में आया जब यूसीआईएल (यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के एक वरिष्ठ अधिकारी के खाते से साइबर ठगों ने 1.25 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी कर ली।
197 संदिग्ध मोबाइल नंबर और 1432 सिम कार्ड जांच के दायरे में, 76 से अधिक बैंक खाते फ्रीज
स्थानीय पुलिस, दिल्ली पुलिस और विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह सामने आया है कि जादूगोड़ा, कोकदा, ईचड़ा, राखा माइंस और नवरंग मार्केट क्षेत्र में साइबर अपराध का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। जांच के दौरान 197 संदिग्ध मोबाइल नंबर चिह्नित किए गए हैं, जबकि 1432 सिम कार्ड साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 76 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। इनमें बैंक ऑफ इंडिया, बंधन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते शामिल हैं।
महंगी बाइक और आलीशान जीवनशैली ने खोली साइबर ठगों की कमाई की कहानी
पुलिस अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित भकत, मलय भकत, मंतोष भकत, कपिल भकत, रणवीर भकत, बिदेश भकत, गिरिधारी भकत और केशव भकत समेत अन्य शामिल हैं।
जांच में ईचड़ा गांव निवासी राज भकत का नाम कथित सरगना के रूप में सामने आया है। बताया जाता है कि उसने कई स्थानीय युवकों को साइबर अपराध के नेटवर्क से जोड़ा। उसके घर के बाहर खड़ी करीब 18 लाख रुपये कीमत की हायाबुसा स्पोर्ट्स बाइक और अचानक बदली जीवनशैली ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा। दिल्ली पुलिस उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा चुकी है।
वहीं, बाजार क्षेत्र के रहने वाले रोहित जैन को भी साइबर अपराध के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परिजनों के अनुसार वह पहले पारंपरिक कारोबारी परिवार से जुड़ा था, लेकिन पिछले कुछ समय से घर पर मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए किसी नए कारोबार में व्यस्त रहता था। बाद में जांच में उसका नाम भी साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा पाया गया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि जादूगोड़ा और आसपास के इलाकों में साइबर अपराध का नेटवर्क लगातार फैल रहा है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही हैं।